वो मज़ा कहाँ वस्लें यार मै

लुत्फ़ जो मिला इंतज़ार मै : जगजीत चित्रा 

वस्ल = मिलना / मिलने का घरी 


आँख तो उठी उनकी तरफ़

दिल उलझ गया हुस्नखार मै 


https://youtu.be/YkbKeteqsrs


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